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16 May 2024
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ब्रसेल्स स्प्राउट की उन्नत किस्में

ब्रसेल्स स्प्राउट गोभीवर्गीय सब्जी है, जिसके छोटे-छोटे शीर्ष तनों के साथ निकलते हैं और ये छोटी बन्दगोभी के समान लगते हैं। यह फसल मध्य और ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में उगाने के लिए आदर्श है। पहले इसकी नर्सरी तैयार की जाती है और 4-5 हफ्ते की पौध को रोपाई के लिए खेत में लगाया जाता है। इसकी उन्नत किस्मों में हिल्ज आइडियल और रुबीने शामिल हैं।


ब्रसेल्स स्प्राउट को उगाने का सही समय

ये सब्जियां ठंडे तापमान में उगाई जाती हैं, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों का वातावरण इनके लिए अनुकूल होता है। देश के अन्य हिस्सों में इन्हें सर्दियों में लगाया जाता है और दिसंबर-जनवरी तक उत्पादन होता है। पहाड़ी इलाकों में विदेशी सब्जियां साल में दो बार, मार्च-जून और जुलाई-अक्टूबर के बीच उगाई जा सकती हैं। मार्च में उगाई गई फसल ऑफ सीजन होने के कारण अधिक मुनाफा देती है।


खाद और उर्वरक

आईसीएआर के अनुसार, खेत को तैयार करने के बाद गोबर की खाद, सुपर फॉस्फेट, पोटाश की पूरी मात्रा और यूरिया की एक तिहाई मात्रा मिलानी चाहिए। शेष यूरिया एक महीने बाद खेत में डालनी चाहिए। नर्सरी तैयार करने के बाद 4-5 हफ्ते के पौधों को खेत में लगाया जाता है।


ब्रसेल्स स्प्राउट की खेती का तरीका

फसल की बढ़वार के शुरुआती चरणों में कम से कम एक बार खरपतवार की निकासी और निराई-गुड़ाई करनी चाहिए, जिससे मिट्टी ढीली हो जाती है और तनों को पर्याप्त हवा मिलती है। इससे खरपतवार नियंत्रित रहता है। सिंचाई हर हफ्ते करनी चाहिए। यह फसल मिट्टी की अम्लीयता के प्रति संवेदनशील होती है, जिससे कई विकार उत्पन्न हो सकते हैं। इन विकारों को रोकने के लिए चूना मिलाना फायदेमंद होता है।


फसल की कटाई और उपज

जब स्प्राउट लगभग 3-4 सेमी की गोलाई के हो जाएं, तब इन्हें तने से निकाल लेना चाहिए। इसकी औसत उपज 100 से 150 क्विंटल प्रति हेक्टेयर (8-12 क्विंटल प्रति बीघा) होती है।


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भारत में विदेशी सब्जियों की मांग बढ़ रही है, खासकर पांच सितारा और अन्य होटलों में, जहां पर्यटकों की बढ़ती संख्या के कारण ये सब्जियां अधिक कीमत पर बिकती हैं। ब्रसेल्स स्प्राउट जैसी गोभीवर्गीय सब्जियां भी इस मांग का हिस्सा हैं, जो मध्य और ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में उगाई जाती हैं और किसानों को अच्छी आमदनी दे सकती हैं।